नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम अगस्त के पहले हफ़्ते से शुरू हो जाएगा. 05 अगस्त को पीएम मोदी अयोध्या में भव्य राम मंदिर की नींव रखेंगे. इसको लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. राम मंदिर के शिलान्यास के लिए पीएम मोदी के साथ-साथ कई और दिग्गज हस्तियों को निमंत्रण भेजा गया है. इस बीच शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए पूर्व CJI रंजन गोगोई को भी भूमि पूजन का कार्यक्रम में बुलाने की मांग की है.

शिवसेना ने सामना के जरिए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगई वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं. उन्होंने ही चीफ जस्टिस रहने के दौरान अयोध्या में राम मंदिर बनने का फैसला सुनाया था. राम मंदिर के भूमि पूजन में शामिल होने के लिए जिन खास लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है, उस सूची में रंजन गोगई को भी महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए.'



सामना में राम मंदिर आंदोलन का भी किया गया जिक्र



इसके साथ ही सामना में राम मंदिर आंदोलन का भी जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया कि पीएम मोदी राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे. सालों पहले इसी के लिए लाखों राम भक्त अयोध्या पहुंचे थे, उन्होंने पुलिस की गोलियों की भी परवाह नहीं की थी. उस आंदोलन की नींव रखने वाले अशोक सिंघल और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे आज हमारे बीच नहीं हैं. लालकृष्ण आडवाणी ने राम के नाम से एक रथ यात्रा निकाली थी. आज राम की तरह अडवाणी भी वनवास पर चले गए.



40 किलो के चांदी की ईंट से रखी जाएगी राम मंदिर की आधारशिला



बता दें कि लगभग 40 किलो के चांदी की ईंट से राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सभी संतो की इच्छा थी कि पीएम मोदी अयोध्या आएं और राम मंदिर की नींव रखें. वहीं महंत कमल नयन दास ने बताया कि पीएम मोदी विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन के बाद 12:15 मिनट पर राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे. इसके बाद मंदिर का निर्माण  शुरू होगा.